इस पूरे मामले का सीसीटीवी भी सामने आया है, जिसमें बच्चे के ऊपर कुत्ता हमला करता दिखाई दे रहा है. गनीमत रही कि शख्स मौके पर पहुंच गया और उसने तुरंत कुत्तों को भगा दिया.
जोधपुर शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. ताजा मामला शनिवार (3 जनवरी) रात का है. शहर के पांच बत्ती सर्कल के पास 9 वर्षीय आशीष पर अचानक एक कुत्ते ने हमला कर दिया. कुत्ते के काटने से बच्चा बुरी तरह जख्मी हो गया. मौके पर मौजूद एक दुकानदार ने बच्चे को कुत्ते से छुड़ाया और उसकी जान बचाई. उसकी चीख-पुकार सुनकर कई लोग मौके पर पहुंचे. इसके बाद घायल बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है. इस पूरे मामले का सीसीटीवी भी सामने आया है, जिसमें बच्चे के ऊपर कुत्ता हमला करता दिखाई दे रहा है. गनीमत रही कि शख्स मौके पर पहुंच गया और उसने तुरंत कुत्तों को भगा दिया.
परिजनों का सरकारी हॉस्पिटल पर आरोप
वहीं, पीड़ित बच्चे के परिजनों ने हॉस्पिटल प्रशासन पर भी आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि वे बच्चे को महात्मा गांधी अस्पताल लेकर गए थे, लेकिन वहां सरकारी हॉस्पिटल में उचित इलाज नहीं हुआ. मजबूरी में परिजनों को बच्चे को निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उसका ऑपरेशन करवाया गया. परिजनों के मुताबिक, इलाज पर भारी खर्च आया है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली.
लगातार जारी हैं ऐसी घटनाएं
इससे पहले, शनिवार दोपहर को उदय मंदिर थाना क्षेत्र में भी कुत्तों के हमले की घटना सामने आई थी. थाना परिसर में भी एक आवारा कुत्ता घुस गया था और ड्यूटी पर तैनात 2 महिला सिपाहियों को काट लिया. लगातार हो रही इन घटनाओं से शहरवासियों में डर और आक्रोश बढ़ता जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. लोगों ने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की.
निगम के सामने चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि, नगर निगम के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं. प्रदेशभर में निगम की टीमें आक्रामक कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी और टीकाकरण कर रही हैं. कोर्ट के आदेश के मुताबिक, हर कुत्ते का रिकॉर्ड रखना और उन्हें वापस उनके इलाके में छोड़ना जरूरी है. इसके लिए CCTV निगरानी, मेडिकल स्टाफ, वैन और प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत है, जो अभी नाकाफी हैं.

