राहुल गांधी ने संसद में डोकलाम पर कोट की पूर्व आर्मी चीफ की किताब, सत्ता पक्ष में खलबली! जानिए उस पन्ने में क्या है?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जैसे ही डोकलाम और चीनी घुसपैठ पर बोलना शुरू किया सदन में सत्ता पक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया।
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उस समय माहौल अचानक गर्म हो गया, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने डोकलाम और चीन से जुड़ी घटनाओं का जिक्र करना शुरू किया। राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब ‘Four Stars of Destiny’ का हवाला दे रहे थे, लेकिन जैसे ही उन्होंने उस किताब के एक हिस्से को कोट करना शुरू किया, सत्ता पक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया।
कोट करते ही हंगामा, सत्ता पक्ष खड़ा हुआ
सदन में सत्ता पक्ष के हंगामे पर कांग्रेस की ओर से यह सवाल उठाया गया कि जिस किताब का हवाला दिया जा रहा है, वह किसी विपक्षी नेता ने नहीं, बल्कि देश के पूर्व सेना प्रमुख ने लिखी है। राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी दावा करती है कि वह आतंकवाद से लड़ती है, लेकिन एक “कोट” से डर जाती है। उनका सवाल था कि आखिर जनरल नरवणे की किताब में ऐसा क्या लिखा है, जिसे संसद में पढ़ने तक नहीं दिया जा रहा।
कांग्रेस ने किताब का पन्ना सार्वजनिक किया
कांग्रेस ने लोगों से अपील की कि वे खुद उस पन्ने को पढ़ें और समझें कि आखिर सरकार को आपत्ति किस बात पर है।
कांग्रेस द्वारा साझा किए गए ‘Four Stars of Destiny’ के इस अंश में पूर्व सेना प्रमुख ने अगस्त 2020 में पूर्वी लद्दाख की स्थिति का विस्तार से ज़िक्र किया है। किताब के मुताबिक, 31 अगस्त 2020 की रात करीब 8:15 बजे भारतीय सेना की नॉर्दर्न कमांड के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी को सूचना मिली कि चीनी सेना के चार टैंक पैदल सैनिकों के साथ रेचिन ला की ओर बढ़ रहे हैं।
“मेरे पास स्पष्ट आदेश नहीं थे”
इस अंश में पूर्व सेना प्रमुख लिखते हैं कि उन्होंने हर स्तर पर सिर्फ एक ही सवाल पूछा, “मेरे आदेश क्या हैं?” किताब के मुताबिक, उन्हें साफ निर्देश नहीं मिले कि आगे क्या कार्रवाई की जाए। जबकि सेना के पास तब तक स्थिति को संभालने के लिए सैन्य विकल्प मौजूद थे।
किताब में यह भी उल्लेख है कि चीन के पीएलए कमांडर की ओर से अगली सुबह बैठक का प्रस्ताव आया, लेकिन उस दौरान भी चीनी टैंक आगे बढ़ते रहे। जनरल नरवणे लिखते हैं कि अगर उस समय मध्यम तोपखाने का इस्तेमाल किया जाता, तो हालात और बड़े टकराव में बदल सकते थे।
संसद के दोनों सदन आज (2 फरवरी, 2026) राष्ट्रपति मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे, क्योंकि रविवार (1 फरवरी, 2026) को केंद्रीय बजट पेश होने के बाद बजट सत्र जारी है।
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी, 2026 को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के पारंपरिक अभिभाषण के साथ शुरू हुआ था। सांसदों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने सांसदों से राष्ट्रीय सुरक्षा, विकसित भारत और ‘स्वदेशी’ अभियान जैसे मुद्दों पर एक साथ खड़े होने का आग्रह किया था, और कहा था कि सरकार सामाजिक न्याय की दिशा में काम कर रही है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी, कांग्रेस सांसदों तारिक अनवर, अमरिंदर राजा वारिंग, एंटो एंटनी और जोति मणि सहित, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलेंगे। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 11 फरवरी को जवाब देने की उम्मीद है। सरकार ने बजट सत्र के दौरान संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए लोकसभा में 18 घंटे आवंटित किए हैं। यह चर्चा 2, 3 और 4 फरवरी को होगी।

