केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में परिसीमन बिल पेश कर दिया है। बिल के लोकसभा में पेश करते ही कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने बिल का विरोध किया तो सदन में हंगामा शुरू हो गया।
ये तीनों बिल सैंडविच बिल, हमें इसका विरोध- टी आर बालू
डीएमके सांसद टीआर बालू ने सदन में पेश तीनों बिलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि ये तीनों बिल ही सैंडविच बिल हैं, हम विरोध करते हैं। क्योंकि ये आपस में इंटरलिंक हैं। हमारी पार्टी इसका विरोध करती है। हमने काले झंडे दिखाए। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आप चाहे पीले झंडे दिखाओ या काले दिखाओ। इससे सदन को कोई फर्क नहीं पड़ता।
महिला विधेयक को लेकर इतनी जल्दबाजी मे ंक्यों है सरकार- अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने महिला विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार इस बिल को इतनी जल्दबाज़ी में क्यों ला रही है। उन्होंने पूछा कि जब महिलाओं के प्रतिनिधित्व की बात हो रही है, तो पहले जातीय जनगणना क्यों नहीं कराई जा रही।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी जातीय जनगणना से बचना चाहती है, जबकि इससे देश की वास्तविक सामाजिक संरचना सामने आएगी और उसी आधार पर महिलाओं को सही प्रतिनिधित्व मिल सकेगा। उनका कहना है कि बिना जनगणना के महिला आरक्षण लागू करना सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।
अखिलेश यादव ने कहा कि जब आधी आबादी को आरक्षण देने की बात की जा रही है, तो क्या मुस्लिम महिलाएं आधी आबादी का हिस्सा नहीं हैं? अखिलेश ने ये सवाल अमित शाह की उस बात कर कही जिसमें शाह ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया जा सकता।
महिला बिल की ‘चाशनी’ के नाम पर जिस तरह कश्मीर और असम में हालात बदले गए, उसी तरह पूरे देश में बदलाव करने का प्रयास किया जा रहा है- सपा सांसद धर्मेंद्र यादव
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावित बिलों को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी तीनों बिलों का विरोध करती है, क्योंकि इनसे संविधान की मूल भावना को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि महिला बिल की “चाशनी” के नाम पर जिस तरह कश्मीर और असम में हालात बदले गए, उसी तरह पूरे देश में बदलाव करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे उनकी पार्टी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बिल में पिछड़े वर्ग और मुस्लिम महिलाओं को शामिल नहीं किया गया है, इसलिए यह बिल सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
सपा सांसद ने सरकार से मांग की कि इस बिल को वापस लिया जाए, क्योंकि यह सभी वर्गों की महिलाओं को समान प्रतिनिधित्व देने में असफल है और इससे लोकतांत्रिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।
अर्जुन मेघवाल ने लोकसभा में पेश किया परिसीमन बिल, वेणुगोपाल ने उठाए सवाल, सदन में हंगामा
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में परिसीमन बिल पेश कर दिया है। बिल के लोकसभा में पेश करते ही कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने बिल का विरोध किया तो सदन में हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने संशोशदन विधेयक पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, बीजेपी संविधान को हाईजैक करना चाहती है. उन्होंने बिल को वापस लेने की मांग की. वहीं, विपक्ष के आरोपों पर केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष के सवालों का जवाब दिया जाएगा.
लोकसभा में तीनों संशोधन बिल पेश
लोकसभा में तीनों संशोधन बिल (महिला आरक्षण बिल, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्रशासित प्रदेश कानून (संशोधन) पेश किए गए हैं।
प्रस्तावित परिसीमन विधेयक पर DMK सांसद टी.आर. बालू कहते हैं, “हाँ, यह राष्ट्र-विरोधी है।”
AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल से आज दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष दोबारा पेश हो सकते हैं
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी संसद पहुंच गए हैं, वह संसद के विशेष सत्र में शामिल होंगे, जिसका मुख्य केंद्र महिलाओं के लिए आरक्षण और परिसीमन है
महिला बिल नए धोखे का काला दस्तावेज: अखिलेश
महिला आरक्षण बिल को लेकर अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल बीजेपी और उनके संगी-साथियों के नए धोखे का एक ऐसा काला दस्तावेज है, जो दरअसल खुफिया लोगों की गुप्त योजना है, जिसमें पिछड़े-दलित समाज की महिलाओं को हमेशा के लिए कमजोर करने की साजिश है. उन्हें सच्चे जन प्रतिनिधित्व से वंचित रखने का चक्रव्यूह रचा जा रहा है.
अखिलेश ने कहा कि यह कुछ चालाक लोगों की गुप्त योजना है… हम महिलाओं के लिए आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि जिस तरीके से यह बिल लाया जा रहा है, हम उसके खिलाफ हैं। ये लोग दलितों, मुसलमानों और पिछड़े वर्गों के खिलाफ हैं। जब हम 33% आरक्षण की बात करते हैं, तो अगर हमारे पास सही आंकड़े ही न हों, तो हम आरक्षण कैसे दे सकते हैं?”
दिल्ली: अब वे इसे (परिसीमन बिल) ला रहे हैं; यह उनकी बुरी नीयत है, और हम इसका समर्थन नहीं कर सकते- SP सांसद राम गोपाल यादव
SP सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, “महिला आरक्षण बिल पहले ही सर्वसम्मति से पास हो चुका है, और किसी ने भी इसका विरोध नहीं किया था। अब वे इसे (परिसीमन बिल) ला रहे हैं; यह उनकी बुरी नीयत है, और हम इसका समर्थन नहीं कर सकते।”

