याचिका में मांग की गई है, “NEET-UG 2026 को एक न्यायिक रूप से नियुक्त उच्च-स्तरीय समिति की कड़ी निगरानी में दोबारा आयोजित करने का निर्देश दिया जाए, जब तक कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित एक अंतरिम निगरानी समिति संशोधित परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा को सत्यापित और प्रमाणित न कर दे।”
बुधवार (13 मई, 2025) को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई, जिसमें केंद्र सरकार को यह निर्देश देने की मांग की गई कि वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को “बदल दे या उसका बुनियादी पुनर्गठन करे।” यह मांग देश भर के कॉलेजों में 2026 के मेडिकल एडमिशन के लिए होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) अंडरग्रेजुएट परीक्षा रद्द होने के बाद की गई है।
NTA ने 3 मई को हुई परीक्षा को प्रश्न पत्र लीक होने और परीक्षा के आयोजन में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों के कारण रद्द कर दिया था। इस राष्ट्रीय परीक्षा में 22 लाख से ज़्यादा छात्र शामिल हुए थे। NTA ने दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की है।

