पवन खेड़ा ने कहा कि 2024 में जब पेपर लीक हुआ, तब मामला सीबीआई तक पहुंचा। सीबीआई ने देरी की और कोर्ट में समय मांगा तो कोर्ट ने फटकार भी लगाई। यह कहानी फिर से दोहराई जा रही है लेकिन इस दौरान एक पूरी पीढ़ी का वर्तमान अंधकारमय हो रहा है और भविष्य खत्म हो रहा है।
नीट पेपर लीक मामले पर एनटीए प्रमुख के बयान को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने तंज सकते हुए कहा कि पेपर लीक नहीं हुआ है बल्कि सवाल बाहर आ गया है।
पवन खेड़ा ने कहा कि 2024 में जब पेपर लीक हुआ, तब मामला सीबीआई तक पहुंचा। सीबीआई ने देरी की और कोर्ट में समय मांगा तो कोर्ट ने फटकार भी लगाई। यह कहानी फिर से दोहराई जा रही है लेकिन इस दौरान एक पूरी पीढ़ी का वर्तमान अंधकारमय हो रहा है और भविष्य खत्म हो रहा है।
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक को लेकर पवन खेड़ा ने कहा कि इससे पहले ऐसी घटना 4 जून 2025 को हुई थी। एक साल बाद फिर से कैबिनेट की बैठक की गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो मंत्री खुद को बेरोजगार मानते थे, उनको भी कुछ घंटे के लिए रोजगार मिला।
पवन खेड़ा ने कहा कि 2047 वाली पीढ़ी को जब सवाल पूछना होगा तो वे किससे पूछेंगे। आज के सवालों का जवाब कौन देगा? उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, भुखमरी, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, खाद की कमी और किसानों की समस्या पर सवालों का जवाब कौन देगा।
कांग्रेस ने मांग की है कि 22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य के साथ हुए इस खिलवाड़ की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें। विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी ने एक ऐसा भ्रष्ट सिस्टम बना दिया है जहां पैसे वालों को पेपर मिल जाता है और गरीब और मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकार में डूब जाता है।
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित हुई नीट-यूजी परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और पेपर लीक के पुख्ता सबूत मिलने के बाद सरकार को परीक्षा रद्द करनी पड़ी है।

