सूर्यनगरी के पाल गांव स्थित आरती नगर आश्रम में पिछले दिनों साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। साध्वी की अचानक मृत्यु को लेकर कई तरह की आशंकाएं, कयास और साजिशों की चर्चाएं जोरों पर थीं। लेकिन अब एफएसएल (FSL) और पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट ने इस पूरे मामले पर लगा कुहासा साफ कर दिया है। रिपोर्ट में जो सच सामने आया है, उसने साजिश की तमाम थ्योरीज को पूरी तरह ‘निर्मूल’ साबित कर दिया है।
थावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत हार्ट अटैक से हुई थी। जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने यह खुलासा शनिवार शाम किया है।
कमिश्नर ने बताया- मेडिकल बोर्ड की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार साध्वी की मौत का मुख्य कारण फेफड़ों की गंभीर बीमारी के चलते आया हार्ट अटैक (कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट) था।
हालांकि, जांच में यह भी सामने आया है कि इलाज के दौरान कंपाउंडर देवी सिंह की ओर से नियमों की अनदेखी की गई। इस स्थिति में लापरवाही सामने आई। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि 12 फरवरी को मिली एफएसएल रिपोर्ट और हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड ने निष्कर्ष निकाला है कि मौत ‘शॉक’ के कारण हुई, जो फेफड़ों की बीमारी (अस्थमा/सीओपीडी) के परिणामस्वरूप आए कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट से हुई।
कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि साइंटिफिक जांच और इन्वेस्टिगेशन में साध्वी के शरीर में जहर का नहीं पाया गया है। साथ ही किसी भी प्रकार के यौन अपराध या बाहरी व आंतरिक चोट के निशान भी शरीर पर नहीं मिले हैं। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित एसआईटी ने इस मामले में हर स्तर पर साक्ष्य जुटाए हैं।
जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा के मौत मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, पुलिस को अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपी गई है. विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रिपोर्ट में अस्थमा अटैक से मौत की आशंका जताई गई है. माना जा रहा है कि साध्वी की मौत सांस रुकने से हुई है. हालांकि, रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरी तरह से कारण स्पष्ट हो पाएगा. बता दें कि 28 जनवरी को आश्रम में संदिग्ध मौत के बाद 29 जनवरी को पिता ने केस दर्ज कराया था. इसके बाद से मौत की वजहों को लेकर कई तरह के अटकलें सामने आ रही हैं.
जहर देने की अटकलों पर लग चुका है विराम
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया और विसरा (Visera) जांच के लिए सैंपल भेजे थे. पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जोधपुर स्थित महात्मा गांधी अस्पताल में हुई थी. करीब 11 दिनों के इंतजार के बाद आई FSL रिपोर्ट में किसी भी प्रकार के जहर की पुष्टि नहीं हुई है. शरीर में किसी भी तरह के अप्राकृतिक कारणों के संकेत नहीं मिले हैं. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद जहर दिए जाने की आशंका पर विराम लग गया था.
28 जनवरी को क्या हुआ था?
पिछले महीने 28 जनवरी को पाल गांव आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत अचानक बिगड़ी थी. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया और विसरा (Visera) जांच के लिए सैंपल भेजे थे.
SIT की रिपोर्ट क्या कहती है?
इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए गठित SIT (विशेष जांच दल) ने आश्रम के सीसीटीवी फुटेज और वहां मौजूद लोगों के बयानों की गहनता से पड़ताल की थी. शुरुआती जांच में किसी बाहरी हस्तक्षेप या साजिश के सबूत नहीं मिले हैं.

