राजस्थान के 5 जिलों श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़ और सीकर में शनिवार दोपहर रेतीला तूफान आया है। इसके कारण करीब 200 वर्ग किलोमीटर के एरिया प्रभावित हुआ। हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर के रेतीले तूफान की शुरुआत हुई।
इस दौरान 60 से 80 kmph की रफ्तार से आंधी चली। रेतीले तूफान के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया। तूफान के कारण दिन में लोगों को वाहनों की हेडलाइट जलानी पड़ गई। इसके कई वीडियो सामने आए हैं। इनमें लोग भागकर घरों में जाते दिखे और घरों को बंद कर लिया।
स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसा रेतीला तूफान पहले कभी नहीं देखा। धूल का गुबार 80-100 फीट ऊंचा था। हालांकि तूफान की ऊंचाई का आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।
इधर तूफान के असर से कई पेड़ उखड़ गए, लाइट पोल टूट गए। फिलहाल किसी की मौत की जानकारी सामने नहीं आई है। दरअसल पाकिस्तान से उठे तूफान का असर राजस्थान के बॉर्डर वाले जिलों पर हुआ है।
रेतीले तूफान की तस्वीरें…




राजस्थान के 5 जिलों श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़ और सीकर में शनिवार दोपहर रेतीला तूफान आया है। इसके कारण करीब 200 वर्ग किलोमीटर के एरिया प्रभावित हुआ। हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर के रेतीले तूफान की शुरुआत हुई।
इस दौरान 60 से 80 kmph की रफ्तार से आंधी चली। रेतीले तूफान के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया। तूफान के कारण दिन में लोगों को वाहनों की हेडलाइट जलानी पड़ गई। इसके कई वीडियो सामने आए हैं। इनमें लोग भागकर घरों में जाते दिखे और घरों को बंद कर लिया।
स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसा रेतीला तूफान पहले कभी नहीं देखा। धूल का गुबार 80-100 फीट ऊंचा था। हालांकि तूफान की ऊंचाई का आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।
इधर तूफान के असर से कई पेड़ उखड़ गए, लाइट पोल टूट गए। फिलहाल किसी की मौत की जानकारी सामने नहीं आई है। दरअसल पाकिस्तान से उठे तूफान का असर राजस्थान के बॉर्डर वाले जिलों पर हुआ है।
रेतीले तूफान की तस्वीरें…




लाइव अपडेट्स
सीकर में 70 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवा
सीकर में 10 मिनट तक करीब 60 से 70 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चली। इससे ट्रैफिक पुलिस के बैरिकेड्स भी गिर गए। इसके बाद हल्की बूंदाबांदी शुरू होने से आंधी कमजोर पड़ गई। धूल का गुबार सीकर में जयपुर रोड के पास पहुंचा है।आंधी में ट्रैफिक पुलिस के बैरियर भी गिर गए।
श्रीगंगानगर में तेज बारिश
श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ में शनिवार को तेज बारिश हुई। जिससे रास्तों पर पानी बहने लगा।
चूरू के सादुलपुर में धूल का गुबार छाया
चूरू के सादुलपुर में शनिवार दोपहर 3 बजे आसमान में धूल का गुबार छा गया। इसससे सड़कों पर वाहन चालकों को लाइट जलाकर निकलना पड़ा।
बीकानेर में दोपहर में गाड़ियों की लाइट चालू करनी पड़ी
बीकानेर में दोपहर के 3 बजे अंधेरा छा गया। लोग यहां गाड़ियों की लाइट चालू कर सड़कों से गुजर रहे हैं। दोपहर में ही अंधेरा हो गया। तेज हवा चल रही है।
सीकर जिले के फतेहपुर और लक्ष्मणगढ़ पहुंचा धूल का गुबार
हनुमानगढ़ गंगानगर से शुरू हुआ धूल का गुबार अब सीकर जिले के फतेहपुर और लक्ष्मणगढ़ एरिया में पहुंच चुका है।
बीकानेर के महाजन में अंधड़ से दिन में छाया अंधेरा
बीकानेर के महाजन क्षेत्र में दो दिन से मौसम बदला हुआ है। आज दोपहर 1 बजे अंधड़ के चलते दिन में अंधेरा छा गया। इससे वाहनों के हेडलाइट चालू करने पड़े।
- बीकानेर के लूणकरणसर में आंधी के कारण कुछ नजर नहीं आया
बीकानेर के लूणकरणसर में शनिवार को अंधड़ के कारण धूल छा गई। आंधी के कारण कुछ नजर नहीं आया।
चूरू में छाया धूल का गुबार
चूरू में शनिवार दिन में मौसम बदला। यहां आसमान में धूल का गुबार छा गया।
बीकानेर में भी आया रेत का बवंडर
बीकानेर में शनिवार को फिर से अंधड़ आया। इस दौरान रेत का बवंडर नजर आया।
श्रीगंगानगर में बारिश
श्रीगंगानगर में धूलभरी आंधी ने मौसम बदल दिया। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय प्रभाव से अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, पदमपुर क्षेत्र में भी बारिश हुई। तेज आंधी के कारण बींझबायला में पोल पर लगा ट्रांसफार्मर नीचे गिर गया। सड़क किनारे खड़े पेड़ टूट गए और होर्डिंग भी उखड़ गए। बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई
श्रीगंगानगर में आंधी चली
श्रीगंगानगर में शनिवार सुबह 11:30 बजे अचानक मौसम बदला। इसके बाद धूलभरी आंधी चली। पाकिस्तान की तरफ से 70 किमी प्रति घंटे की तेज रफ्तार से रेत के बवंडर आए। लोगों को सड़क पर दिन में लाइटें जलाकर चलना पड़ा और अंधेरे जैसा लगने लगा। चारों तरफ रेत का गुब्बार छा गया।
मौसम से जुड़े बड़े अपडेट्स
कैसा रहेगा मानसून सीजन: राजस्थान में मानसून सीजन कमजोर रह सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में कमजोर मानसून के पीछे की वजह अल नीनो है। जून में अल नीनो का असर दिख सकता है। जुलाई और अगस्त में भी कमजोर से मध्यम स्तर का अल नीनो बने रहने की संभावना है। वहीं, हिंद महासागर में इंडियन ओशन डायपोल (IOD) की स्थिति भी न्यूट्रल रहने की संभावना व्यक्त की है।
पारा 10 डिग्री तक गिरा: आंधी-बारिश, ओलावृष्टि के कारण राज्य के उत्तर-पूर्वी जिलों में शुक्रवार को अधिकतम तापमान में 2 से लेकर 10 डिग्री तक गिरावट दर्ज हुई। अलवर में अधिकतम तापमान 9.8 डिग्री गिरकर 36.2 डिग्री सेल्सियस पर दर्ज हुआ। राज्य में सबसे ज्यादा बरसात झुंझुनूं जिले के मलसीसर में हुई। यहां 43 मिमी (करीब 2 इंच) पानी बरसा। दौसा जिले में भी अंधड़ के कारण काफी नुकसान हुआ है।
जयपुर में एक घंटे तक अंधड़: राजधानी में भी शुक्रवार दोपहर बाद मौसम बदल गया। शाम को 1 घंटे तक अंधड़ का दौर चला। इसके बाद मौसम खुल गया, लेकिन रात 8 बजे बाद फिर मौसम बदला और बारिश का दौर शुरू हो गया। इस मजबूत पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले दो दिन ज्यादा रहेगा। तेज गर्मी के चलते लो प्रेशर सिस्टम बनने से जयपुर सहित आसपास के इलाकों में 60 से 70 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से अंधड़ के साथ बारिश होगी।

