जोधपुर में RAS अफसर प्रियंका विश्नोई की मौत के मामले में वसुंधरा हॉस्पिटल के खिलाफ नई FIR दर्ज हुई है। इसमें हॉस्पिटल के संचालकों और डॉक्टरों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने और जांच एजेंसियों को गुमराह करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
जोधपुर महानगर के अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-08 ने FIR के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश पर चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने बुधवार शाम नई FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थानाधिकारी गोविंदलाल व्यास ने बताया- वसुंधरा हॉस्पिटल के संचालक डॉ. संजय मकवाना, डॉ. रेनू मकवाना, डॉ. विनोद शैली और डॉ. जितेंद्र खेतावत के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच ASI महेंद्र कुमार को जांच सौंपी गई है। अस्पताल के लैब रिकॉर्ड, स्याही और डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
इससे पहले अस्पताल प्रशासन को मेडिकल कमेटी से मिली क्लीन चिट के आधार पर पुरानी FIR निरस्त हो गई थी, लेकिन अब इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड (EMR) ऑडिट और फॉरेंसिक जांच की मांग के साथ फर्जीवाड़े के आरोप पर FIR हुई है।

रिपोर्ट आने से पहले ही शुरू कर दिया था ऑपरेशन
प्रियंका के पिता रक्षपाल विश्नोई का आरोप है कि डॉक्टरों ने लापरवाही को छुपाने के लिए मेडिकल रिकॉर्ड में बाद में बैकडेट एंट्री जोड़ी। RTI से प्राप्त दस्तावेजों को जांचने से खुलासा हुआ है कि 5 सितंबर 2024 को अस्पताल में भर्ती प्रियंका का सीबीसी ब्लड सैंपल दोपहर 12:15 बजे लिया गया था और उसकी लैब रिपोर्ट दोपहर 1:30 बजे जनरेट हुई, जबकि डॉक्टरों ने रिपोर्ट आने से पहले ही दोपहर 1:05 बजे ऑपरेशन शुरू कर दिया था।
फर्जी रिपोर्ट और रिकॉर्ड तैयार किए गए
इतना ही नहीं, एनेस्थीसिया रिकॉर्ड में दोपहर 11:45 बजे ही जांचें देख ली गईं, लिख दिया गया था। इससे साफ जाहिर होता है कि जांच कमेटी और कोर्ट को गुमराह करने के लिए फर्जी रिपोर्ट और रिकॉर्ड तैयार किए गए।

