जोधपुर नगर निगम के मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव अगले सप्ताह होंगे। मेयर पद के नामांकन की आज (शुक्रवार) से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि भाजपा और कांग्रेस के दोनों ही पार्टियों के प्रत्याशी कल यानी शनिवार को नामांकन जमा करवाएंगे। वहीं दोनों दलों की ओर से अभी तक अधिकारिक तौर पर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की गई है।
इधर, मेयर पद के लिए नामांकन नगर निगम के थर्ड फ्लोर पर 307 नंबर रूम में लिए जाएंगे, जिसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
बोर्ड बनाने के लिए 100 पार्षदों में से 51 पार्षदों का बहुमत चाहिए। ऐसे में भाजपा को 7 निर्दलीयों का समर्थन मिल चुका है। जबकि कांग्रेस के खेमे में अभी 4 निर्दलीय पार्षद हैं।
जोधपुर: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गढ़ जोधपुर में नगर निगम चुनाव के नतीजों ने प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर कर दिया है। मतगणना के दिन कांग्रेस और भाजपा के बीच 44-44 सीटों का टाई हुआ था, जिससे मुकाबला कांटे का नजर आ रहा था। हालांकि, 21 और 22 सितंबर को होने वाले महापौर चुनावों से पहले भाजपा ने ऐसी बिसात बिछाई कि पूर्व सीएम गहलोत का ‘जादू’ भी कांग्रेस को अपना गढ़ बचाने में काम न आ सका।
रातों-रात 44 से 52 पर पहुंची भाजपा
गुरुवार की सुबह जब एक सीट पर पुनर्मतदान हुआ, तो भाजपा ने जीत दर्ज करते हुए अपनी सीटों की संख्या 45 कर ली। लेकिन असली सियासी खेल गुरुवार की रात शुरू हुआ। रातों-रात भाजपा रणनीतिकारों ने 7 निर्दलीय पार्षदों को साधकर उन्हें पार्टी का दुपट्टा पहना दिया। देखते ही देखते भाजपा का आंकड़ा 52 पार्षदों तक पहुंच गया, जो कि जोधपुर नगर निगम में स्पष्ट बहुमत (51 सीटें) से एक ज्यादा है।

