संसद परिसर में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत विपक्षी सांसदों ने छात्र आंदोलन और NEET मुद्दे पर प्रदर्शन किया और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
छात्र आंदोलन और NEET से जुड़े मुद्दों को लेकर संसद भवन परिसर में बुधवार को विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए ‘धर्मेंद्र प्रधान, इस्तीफा दो’ और ‘छात्रों को न्याय दो’ जैसे नारे लगाए गए।
काले कपड़ों में संसद पहुंचे विपक्षी सांसद
संसद परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों के हाथों में NEET पेपर लीक से जुड़े संदेश लिखे बोर्ड दिखाई दिए। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने बीजेपी सरकार पर छात्रों के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इस दौरान ‘नरेंद्र मोदी कायर हैं’, ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ और ‘छात्रों को न्याय दो’ जैसे नारे भी लगाए गए। विपक्ष ने इस प्रदर्शन को छात्रों के आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दों के समर्थन में बताया।
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक दिन पहले भी कहा था कि यह लोकतांत्रिक सरकार नहीं, बल्कि तानाशाही सरकार है। खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में सांसदों का सम्मान नहीं है और नियमों के तहत विरोध करने वालों को भी परेशान किया जाता है।
खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी-आरएसएस से जुड़े लोग बिना पहचान बैज के पुलिस के बीच काम कर रहे हैं और वे अप्रत्यक्ष रूप से छात्रों तथा कांग्रेस नेताओं को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार छात्रों के साथ-साथ विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं को भी दबाने की कोशिश करेगी, तो देशभर में लाखों लोग सड़कों पर उतरेंगे और स्थिति को नियंत्रित करना सरकार के लिए मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बाद में सरकार को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं के साथ किए गए व्यवहार पर पछताना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन इस लड़ाई को जारी रखेगा और डरने वाला नहीं है।

