केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में आज ईद मनाई गई, जबकि देश के बाकी हिस्सों में कल मनाई जाएगी।
देश के अलग-अलग हिस्सों में ईद-उल-फितर अलग-अलग दिन मनाई जा रही है। तमिलनाडु के कुछ इलाकों, कर्नाटक और केरल में शुक्रवार को ईद की नमाज अदा की गई, जबकि देश के ज्यादातर हिस्सों में यह त्योहार शनिवार को मनाया जाएगा।
दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में आज ईद
तमिलनाडु के मदुरै और कोयंबटूर समेत कुछ इलाकों में लोगों ने ईद-उल-फितर के मौके पर नमाज अदा की। मदुरै में बड़ी संख्या में नमाजियों ने एकत्र होकर ईद की नमाज पढ़ी, वहीं कोयंबटूर के कुनियामुथुर स्थित आयशा महल कैंपस में भी लोगों ने सामूहिक नमाज अदा की। इसी तरह कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में भी आज ईद का जश्न देखा गया।
केरल के तिरुवनंतपुरम और एर्नाकुलम (कोच्चि) में भी ईद की नमाज अदा की गई। कलूर स्थित कोच्चि ईदगाह में हजारों लोगों ने ईद की नमाज पढ़ी। दरअसल, तटीय क्षेत्र होने के कारण केरल में शव्वाल का चांद एक दिन पहले दिखाई दे गया था। इसके बाद धार्मिक संगठनों ने घोषणा की कि 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी।
देश के बाकी हिस्सों में कल मनाई जाएगी ईद
देश के ज्यादातर हिस्सों में चांद दिखाई नहीं देने की वजह से वहां 20 मार्च को अलविदा की नमाज अदा की जा रही है और ईद 21 मार्च को मनाई जाएगी। इसी वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में ईद की तारीख में अंतर देखने को मिला है।
ईद-उल-फितर की तारीख इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, तय होती है, जो चांद के दिखने पर निर्भर करती है। भौगोलिक स्थिति, मौसम और बादलों की वजह से चांद हर जगह एक साथ नजर नहीं आता। यही कारण है कि कुछ राज्यों में ईद एक दिन पहले और बाकी जगहों पर एक दिन बाद मनाई जाती है।

