सदन में प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरते हुए पूछा कि मैं सरकार से पूछना चाहती हूं- क्या जरूरत थी, बच्ची पर ज्यादती करने की। देश के युवाओं पर पैलेट गन चलवाने की क्या जरूरत थी।
प्रियंका गांधी ने कहा- हमारे एजुकेशन सिस्टम में कई खामियां हैं
प्रियंका गांधी ने कहा कि हमारे एजुकेशन सिस्टम में कई खामियां हैं। बच्चों पर जो प्रेशर डाला जाता है उसके कारण सैकड़ों बच्चे सुसाइड कर रहे हैं, उससे भी ज्यादा बच्चे डिप्रेशन में हैं। परिवारों पर बच्चों को पढ़ाने के लिए दवाब हैं। लोन लेने पड़ते हैं सामान बेचना पड़ता है। उसके बाद भी गारंटी नहीं है कि नौकरी मिलेगी।
प्रियंका गांधी ने कहा, सरकार नौजवानों से क्यों डरती है अभी तक एक भी माफिया को सजा नहीं मिली
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, सरकार नौजवानों से क्यों डरती है अभी तक एक भी माफिया को सजा नहीं मिली। शिक्षा तंत्र में आरएसएस के प्रचारकों को भरा जा रहा है।
सदन में सरकार को घेरते हुए प्रियंका गांधी ने पूछा- सरकार बताएं पैलेट गन चलाने का ऑर्डर किसने दिया
सदन में प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरते हुए कहा किजब मैं एक घायल छात्रा से मिलने गए, तो उसकी मां बोली- सुबह से बड़े-बड़े नेता आए। वह भी आए जिनकी वजह से बेटी का यह हाल हुआ। मैं सरकार से पूछना चाहती हूं- क्या जरूरत थी, बच्ची पर ज्यादती करने की। देश के युवाओं पर पैलेट गन चलवाने की क्या जरूरत थी।
शिवपाल सिंह यादव ने कहा, “पूरा विपक्ष छात्रों के हित में सदन में चर्चा करेगा, छात्रों के साथ जो अत्याचार हुआ है…
समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा, “पूरा विपक्ष छात्रों के हित में सदन में चर्चा करेगा। छात्रों के साथ जो अत्याचार हुआ है…तो उसपर पूरा विपक्ष चर्चा करेगा। इसके साथ ही चंदा चोरी(राम मंदिर चंदा चोरी का मामला) के मुद्दे पर भी लोकसभा में चर्चा होगी…इसपर विपक्ष द्वारा मजबूती के साथ सरकार को घेरा जाएगा…”
कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा- बिहार में छात्रों के साथ सबसे ज्यादा बुरा बर्ताव किया गया, इसकी जांच होनी चाहिए
कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, “बिहार में छात्रों के साथ सबसे ज्यादा बुरा बर्ताव किया गया, यहां तक कि AK-47 भी चलाई गईं। पुलिस ने छात्रों के साथ वैसा ही व्यवहार किया जैसा वे आतंकवादियों के साथ करते हैं… इसकी जांच होनी चाहिए।”
लोकसभा में बोलते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा- एक ‘प्रधान’ को हटाकर, आपने ‘प्रधानमंत्री’ को बचा लिया
लोकसभा में बोलते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, “…जब मंत्री (पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान) (संसद) पहुंचे, तो सदन के बाहर उनका स्वागत किया गया…सोचिए सदस्यों को कितनी बड़ी राहत मिली होगी और वे किस बड़े संकट से बच गए। एक ‘प्रधान’ को हटाकर, आपने ‘प्रधानमंत्री’ को बचा लिया…”
सरकार को यह पता है कि हर मिनट कितने यूपीआई लेनदेन हो रहे हैं, लेकिन यह जानकारी नहीं है कि देश में कितने पेपर लीक हुए- अभिषेक बनर्जी
अभिषेक बनर्जी ने पिछले 12 वर्षों में सीबीएसई से लेकर नीट सहित विभिन्न परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक के मामलों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि अब तक किसी भी आरोपी को सजा नहीं मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने संसद में स्वीकार किया है कि उसके पास पेपर लीक की घटनाओं का कोई समग्र आंकड़ा नहीं है। बनर्जी ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को यह पता है कि हर मिनट कितने यूपीआई लेनदेन हो रहे हैं, लेकिन यह जानकारी नहीं है कि देश में कितने पेपर लीक हुए। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी जवाबदेही चाहती है, सहानुभूति नहीं, बल्कि अपने भविष्य को लेकर निश्चितता की मांग कर रही है।
पेपर लीक बिल पर बोल रहे टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी, हुआ हंगामा
अभिषेक बनर्जी के संबोधन के दौरान सदन में जोरदार हंगामा हुआ। इसी बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा अपनी सीट पर खड़ी हो गईं और कहा कि कुछ सदस्य सदन की कार्यवाही नहीं चलने देना चाहते। उन्होंने सभापति से व्यवस्था बनाए रखने और संबंधित सदस्यों को शांत कराने का आग्रह किया।
पेपर लीक का सिलसिला नहीं रुकता और यह अब एक पैटर्न बन चुका- अभिषेक बनर्जी
लोकसभा में लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा हर छात्र का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कोई संस्था अपने दायित्वों का निर्वहन करने में विफल रहती है तो सरकार जांच के लिए समिति गठित कर देती है और जब शासन व्यवस्था पर सवाल उठते हैं तो कानून में संशोधन कर दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि ‘न्यू इंडिया’ में लगातार प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। उनके मुताबिक, हर बार परीक्षा का नाम बदल जाता है, लेकिन पेपर लीक का सिलसिला नहीं रुकता और यह अब एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि सरकार इस मुद्दे पर हर स्तर पर विफल रही है।
टीएमसी सांसद ने कहा कि प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए वायुसेना की मदद लेने की नौबत आना अपने आप में गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों छात्र अपनी मांगों को लेकर सामने आए, लेकिन सरकार ने उनकी बात सुनने के बजाय बैरिकेडिंग, लाठीचार्ज और पुलिस बल का इस्तेमाल किया। उन्होंने सवाल उठाया कि युवाओं के साथ कानून-व्यवस्था की समस्या जैसा व्यवहार क्यों किया गया।
नफरत की राजनीति देश को किस दिशा में ले जाएगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है- अखिलेश
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर स्थापित विश्वविद्यालयों की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ऐसे संस्थानों को सशक्त बनाने के बजाय उन्हें कमजोर करने का प्रयास कर रही है।हथौड़ा लेकर सरकार तैयार बैठी है। अखिलेश यादव ने कहा कि नफरत की राजनीति देश को किस दिशा में ले जाएगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।
उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि अग्निवीर भर्ती के तहत केवल सीमित संख्या में युवाओं को अवसर मिल रहे हैं। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि आखिर सरकार युवाओं की पढ़ाई और रोजगार, दोनों पर लगातार चोट क्यों कर रही है।
क्यों लीक हो रहे 10वीं-12वीं के पेपर- अखिलेश
समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार देशभर में एक लाख से अधिक प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह दावा गलत है तो सरकार को सदन में इसका स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सबसे अधिक प्राथमिक विद्यालय उत्तर प्रदेश में बंद हुए हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने केवल स्कूलों को ही नहीं, बल्कि नौकरियों को भी प्रभावित किया है। उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछड़े और दलित वर्ग के अधिकारों का सबसे अधिक हनन हुआ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि माध्यमिक विद्यालयों को भी बंद किया जा रहा है।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि देशभर में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र बार-बार लीक क्यों हो रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि इन घटनाओं से छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। साथ ही, उन्होंने परीक्षा संबंधी तनाव और विवादों के बीच जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
जो लोग चढ़ावा चोरी नही बचा पाए वो पेपर चोरी कैसे बचा पाएंगे- अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर परीक्षा व्यवस्था को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग मंदिरों के चढ़ावे की चोरी तक नहीं रोक पाए, वे पेपर लीक जैसी घटनाओं को कैसे रोकेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए और कुछ परीक्षाओं में तो कथित तौर पर तीन-तीन बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सख्त कानून लागू होने के बावजूद नीट परीक्षा में दोबारा पेपर लीक हो गया।
2024 में भी इसी विषय पर विधेयक लाया गया था, तो फिर 2026 में संशोधन विधेयक लाने की आवश्यकता क्यों पड़ी- अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को अब यह एहसास हो गया है कि छात्र आंदोलन कितना व्यापक रूप ले चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार दबाव में आती है, तो उसे अपने फैसलों में बदलाव करना पड़ता है और छात्रों के मामले में भी ऐसा ही हुआ। अखिलेश यादव ने लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यदि 2024 में भी इसी विषय पर विधेयक लाया गया था, तो फिर 2026 में संशोधन विधेयक लाने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
नई पीढ़ी के युवाओं ने यह साबित कर दिया कि सरकार को झुकाया जा सकता है- अखिलेश यादव
लोकसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पर लोकसभा में चर्चा के दौरान कहा कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के भाषण का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं और वह उनकी बातों से सहमत हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि वह छात्र आंदोलन को शुरू से देख रहे थे। उनके अनुसार, चुनाव के बाद आंदोलन के दौरान एक नारा गूंजा कि सरकार झुकती नहीं है, लेकिन नई पीढ़ी के युवाओं ने यह साबित कर दिया कि सरकार को झुकाया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि छात्रों के आंदोलन के दबाव में सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा और शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लेना पड़ा।
अखिलेश ने आगे कहा कि मेरे समझ नहीं आ रहा सरकार उन आशवसनों को क्यों नहीं संसद के पटल पर रख रही है जो छात्रों को दिया था। सरकार वादे नहीं जुमला देती है।

