राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि अभी, INDIA गठबंधन के सांसद और नेता शांतिपूर्ण तरीके से तीस जनवरी मार्ग पर गांधी स्मृति जा रहे हैं। भारत के छात्र अकेले नहीं हैं। पूरा विपक्ष उनके और उनकी मांगों के साथ खड़ा है।
राहुल गांधी इंडिया ब्लॉक के नेताओं के साथ निकाल रहे विरोध मार्च, बोले- पुलिस हमें आगे नहीं जाने दे रही है
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि हमारे छात्र सड़कों पर हैं, इसलिए विपक्ष के सभी सांसदों को लगा कि हमें भी सड़कों पर उतरना चाहिए। विपक्ष के सभी सांसद इंडिया गेट जाना चाहते थे। उन्होंने मना कर दिया और हमें रोक दिया। फिर हमने कहा कि हम तीस जनवरी (गांधी स्मृति) जाना चाहते हैं. उन्होंने बस यहीं खड़ी कर दी है. हम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, लेकिन छात्रों तक मुख्य संदेश यही है कि हम आपके साथ हैं।
पुलिस हमें आगे नहीं जाने दे रही है – राहुल गांधी
राहुल गांधी के साथ ये नेता भी मौजूद
राहुल गांधी के साथ बस में सवार सांसदों में शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत, एनसीपी (शरद पवार) की सुप्रिया सुले, टीएमसी की महुआ मोइत्रा और सौगत राय, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ मांझी, आरजेडी की मीसा भारती और संजय यादव, सीपीएम के जॉन ब्रिटास, सीपीआई के पी. संतोष कुमार, समाजवादी पार्टी के रामजी लाल सुमन और आईयूएमएल के ईटी मोहम्मद बशीर शामिल हैं।
NEET पेपर लीक को लेकर गांधी स्मृति मार्च, राहुल गांधी बोले, ‘छात्र अकेले नहीं, पूरा विपक्ष साथ’
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि अभी, INDIA गठबंधन के सांसद और नेता शांतिपूर्ण तरीके से तीस जनवरी मार्ग पर गांधी स्मृति जा रहे हैं। हम उन छात्रों को याद करने जा रहे हैं जिन्हें हमने खो दिया – वे बच्चे जिन्हें NEET पेपर लीक के बाद अपनी जान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। और हम उन छात्रों के साथ खड़े होने जा रहे हैं जो आज घायल हैं – जिन्हें न्याय और जवाबदेही की शांतिपूर्ण मांग करने पर पीटा गया। भारत के छात्र अकेले नहीं हैं। पूरा विपक्ष उनके और उनकी मांगों के साथ खड़ा है।
राहुल गांधी के घर के बाहर पुलिस बैरिकेड्स लगाए गए, बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के घर के बाहर पुलिस बैरिकेड्स लगाए गए; बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता यहां पहुंचे।
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पहुंचे
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पहुंचे। NEET मुद्दे पर उन्होंने कहा, “इस्तीफा होना ही चाहिए।”
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “पूरी दिल्ली में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “पूरी दिल्ली में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। वे इसे युद्ध जैसी स्थिति बना रहे हैं।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के घर पहुंचे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के घर पहुंचे। उन्होंने कहा, “चाय पर बुलाया है इसलिए मैं चाय पीने आया।
नीट प्रश्नपत्र लीक मामला: कटिहार में छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने लाठीचार्ज किया
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का प्रश्नपत्र लीक होने की कथित घटना के विरोध में बिहार के कटिहार जिले में बृहस्पतिवार को छात्रों ने समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हर व्यक्ति को संविधान के दायरे में और कानूनी तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’’
उन्होंने कहा कि पुलिस हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है, जिसके बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के घर पहुंचीं।
दिल्ली के कनॉट प्लेस की सभी दुकानें, दफ्तर और रेस्तरां शाम साढ़े छह बजे तक बंद करने के निर्देश
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र कनॉट प्लेस (सीपी) में बिगड़ते हालात को देखते हुए गुरुवार को सभी दुकानों, कार्यालयों और रेस्तरां को शाम 6:30 बजे तक बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं
इस संबंध में नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (एनडीटीए) के अध्यक्ष अतुल भार्गव की ओर से एक अत्यावश्यक सलाह (एडवाइजरी सर्कुलर) जारी किया गया। एडवाइजरी के अनुसार, नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के टेलीफोन पर दिए गए निर्देशों के बाद यह फैसला लिया गया है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि कनॉट प्लेस के आसपास की गंभीर और संवेदनशील स्थिति को देखते हुए 23 जुलाई को सभी दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, कार्यालय और रेस्तरां शाम 6:30 बजे तक अनिवार्य रूप से बंद कर दिए जाएं।
TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने पीएम मोदी के ट्वीट पर कहा, ” उन्होंने बड़ी देर कर दी
TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने पीएम मोदी के ट्वीट पर कहा, ” उन्होंने बड़ी देर कर दी। राहुल गांधी के मांग के जवाब में और छात्र जो आज धरना पर बैठे हुए हैं उनके समस्याओं के समाधान के प्रक्रिया में आज पीएम मोदी आए हुए हैं और उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने को कहा है और दोषियों पर जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई करेंगे। जिन लोगों ने करोड़ों बच्चों का जीवन बर्बाद करने की कोशिश की उनके माता-पिता को चोट पहुंचाई है उसके लिए आप कह रहे हैं फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाएंगे। मैं समझता हूं ये सब खोखली बाते हैं…समाधान तभी होगा जब तीन बाते- मंत्री का इस्तीफा, मुआवजा दिया जाए जिन बच्चों ने आत्महत्या की, उनके परिवार और राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह ने कहा कि 1 करोड़ का मुआवजा मिलना चाहिए…बच्चों पर जो फर्जी मुकदमे किए गए हैं उस सबको हटाना चाहिए…
इतना बड़ा आंदोलन चल रहा है; देश के युवा बाहर बैठे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री संसद नहीं आए हैं- प्रियंका गांधी
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि इतना बड़ा आंदोलन चल रहा है; देश के युवा बाहर बैठे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री संसद नहीं आए हैं। और आप मुझसे पूछ रहे हैं कि संसद क्यों नहीं चल रही है?”
अन्ना हजारे ने प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के समर्थन में ‘मौन आंदोलन’ किया
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के समर्थन में बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में दो घंटे का ‘मौन आंदोलन’ किया। अन्ना ने अहिल्यानगर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास पूर्वाह्न 11 बजे अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया और अपराह्न एक बजे इसे समाप्त किया। इसके बाद वह इसी जिले में स्थित अपने गांव रालेगण सिद्धि के लिए रवाना हो गए।
हजारे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बुधवार को पत्र लिखकर कहा था, ‘‘हिंसा और पुलिस कार्रवाई की खबरें बेहद पीड़ादायक हैं।’’ उन्होंने पत्र में कहा था कि प्रदर्शनकारियों के असंतोष को ‘‘कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं, बल्कि समाज की पीड़ा और अपेक्षाओं के रूप में देखा जाना चाहिए।’’
हजारे ने लिखा था कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने को कहा जाता है तो ‘‘इससे सरकार नहीं गिरेगी, बल्कि उसकी कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनेगी।’’ उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों की बात ‘‘धैर्यपूर्वक सुनने, विश्वास का माहौल बनाने और सकारात्मक संवाद के जरिये समाधान तलाशने’’ का अनुरोध किया। हजारे ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने मोदी को इसलिए पत्र लिखा, क्योंकि प्रधानमंत्री ‘‘देश के सर्वोच्च नेता हैं और उन्हें जनता के मुद्दों से अवगत कराया जाना चाहिए।’’

