कांग्रेस की दिल्ली इकाई के नेताओं ने शुक्रवार को सड़क किनारे पारंपरिक चूल्हे पर रोटियां सेंक कर एलपीजी की किल्लत और महंगाई को लेकर विरोध जताया।
रसोई गैस की कथित कमी की खबरों के बीच देशभर में लोग एलपीजी वितरण केंद्रों के बाहर लंबी कतारों में खड़े नजर आए, जिससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ रेस्तरां, स्कूलों और खानपान सेवाओं का कामकाज भी प्रभावित होने लगा है।
कांग्रेस की दिल्ली इकाई के नेताओं ने शुक्रवार को सड़क किनारे पारंपरिक चूल्हे पर रोटियां सेंक कर एलपीजी की किल्लत और महंगाई को लेकर विरोध जताया। कांग्रेस पार्टी नेताओं ने एलपीजी सिलेंडरों की ‘कालाबाजारी’ और उन्हें खरीदने में परिवारों और छोटे व्यवसायों के सामने आने वाली कठिनाइयों के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डीपीसीसी) कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और हाथों में तख्तियां लेकर और नारे लगाते हुए हाल ही में एलपीजी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ऐसे समय बार-बार महंगाई का बोझ डाल रही है जब लोग पहले से ही इस संकट का सामना कर रहे हैं।यादव ने कहा, ‘‘हमने बहुत समझौता कर लिया। इस समझौते के कारण आज इस देश की रसोई से सिलेंडर गायब हो गया है। लोगों को अपना खाना और चाय चूल्हे पर बनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।’’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी और लोगों को होने वाली आर्थिक परेशानी के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और मोदी सरकार जिम्मेदार हैं। कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डीपीसीसी कार्यालय से कुछ दूरी तक मार्च किया। हालांकि पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

