राहुल गांधी ने कहा कि ओबीसी से उनका अधिकार छीनने का प्रयास किया जा रहा है, यही सरकार का एजेंडा है। उन्होंने दावा किया, ‘‘सरकार ओबीसी भाइयों और बहनों को अधिकार देने से बच रही है।’’
लोकसभा में परिसीमन और महिला आरक्षण पर शुक्रवार को जारी बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर कई बड़े आरोप लगाए।
उन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा में भाग लेते हुए यह आरोप भी लगाया कि सरकार द्वारा जाति जनगणना को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘पूरा विपक्ष मिलकर सरकार के इस प्रयास को विफल करने जा रहा है।’’
उनका कहना था, ‘‘कुछ सच्चाई यह सदन में बताने की जरूरत है। यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं है, इसका महिलाओं के सशक्तीकरण से कुछ लेनादेना नहीं है। 2023 में जो पारित हुआ था वो महिला आरक्षण विधेयक था।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘यह भारत की महिलाओं के पीछे छिपकर देश के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘‘यह शर्मनाक कृत्य है क्योंकि यह सब भारत की महिलाओं के नाम पर किया जा रहा है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि जाति जनगणना को दरकिनार करने का प्रयास किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि ओबीसी से उनका अधिकार छीनने का प्रयास किया जा रहा है, यही सरकार का एजेंडा है।
उन्होंने दावा किया, ‘‘सरकार ओबीसी भाइयों और बहनों को अधिकार देने से बच रही है।’’
लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने एक निजी किस्सा भी साझा किया। उन्होंने कहा कि बचपन में उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उनसे कहा था कि असली ताकत छिपकर काम करती है और इंसान को सबसे ज्यादा डर खुद से ही होना चाहिए। उन्होंने इस बात को मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़ते हुए समझाने की कोशिश की।
उन्होंने एक माजाकिया अंदाज में प्रधानमंत्री का जिक्र करते हुए कहा कि मेरे और प्रधानमंत्री के बीच कोई ‘वाइफ इश्यू’ नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत महिलाएं हैं और देश को आगे बढ़ाने में उनकी सबसे बड़ी भूमिका है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो कुछ सरकार करने की कोशिश कर रही है, उसके लिए संवैधानिक संशोधन की जरूरत होगी और विपक्ष इसे किसी भी हालत में सफल नहीं होने देगा। यह पूरी तरह असंवैधानिक प्रयास है और पूरा विपक्ष इसे होने नहीं देगा। बीजेपी देश की सत्ता संरचना में ओबीसी और दलितों को पर्याप्त जगह नहीं दे रही है। दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों को परिसीमन से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि विपक्ष उनके अधिकारों की रक्षा करेगा।
पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ

