प्रियंका गांधी ने कहा कि कल जो हुआ वो लोकतंत्र के लिए बड़ी जीत रही, सरकार की साजिश को हराया गया, प्रियंका गांधी ने कहा कि ये संविधान की जीत थी, विपक्ष की एकता की जीत थी।
कल जो हुआ वो लोकतंत्र की जीत है, पहली बार इन्हें धक्का लगा जो इन्हें लगना था- प्रियंका गांधी
महिला आरक्षण बिल पर प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कल जो हुआ वो लोकतंत्र के लिए बड़ी जीत रही, सरकार की साजिश को हराया गया, प्रियंका गांधी ने कहा कि ये संविधान की जीत थी, विपक्ष की एकता की जीत थी। शाह और पीएम का भाषण सुना दोनों ने कई बार आलग अलग मौकों पर कहा कि आप इससे सहमत नहीं है तो आप यहां बैठ नहीं सकते, इनकी मंशा साफ थी क्या ये करना चहते हैं।। हम तो इस बात से चौंके थे कि अचानक संसद का सत्र बुलाया।
प्रियंका गांधी ने कहा कि इन्हें किसी भी तरह से सत्ता में रहना था इसके लिए इन्होंने साजिश रची थी। इसके लिए इन्होंने महिला का इस्तेमाल किया। प्रियंका गांधी ने कहा कि ये महिला के मसीहा बनना चाहते हैं, लेकिन इनता आसान नहीं है। प्रियंका गांधी ने कहा कि जब हाथरस, उन्नाव, मणिपुर जैसी घटना हुई तो महिला को क्यों नहीं पूछा। ये महिला की बात नहीं परिसीमनत की बात थी इसलिए इन्होेंने बार बार महिला का नाम लिया। मैं खुश हूं कि विपक्ष एकजुट हुआ। प्रियंका गांधी ने कहा कि देश की महिलाएं बेवकूफ नहीं हैं जो आप उनके नाम पर कुछ भी कहें कुछ भी करते रहें।
प्रियंका गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2023 में सर्वसम्मति से पारित विधेयक को तुरंत लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं को अधिकार देने की बात की जा रही है, तो उन्हें अभी अधिकार दिए जाएं, न कि मुद्दे को घुमाकर जनता को गुमराह किया जाए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दोनों सदनों के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद अपने कार्यालय में संसद सदस्यों से मुलाकात की।
बंगालः HC से सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति रद्द
कलकत्ता हाई कोर्ट ने सहायक प्रोफेसरों को पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने के आदेश को रद्द कर दिया है. हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में 2 चरणों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव आयोग की ओर से कुछ सहायक प्रोफेसरों को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किए जाने के आदेश को रद्द कर दिया है.
संसद का बजट सत्र: लोकसभा और राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
इन तीनों विधेयकों को एक साथ लाकर, वे सत्ता हासिल करना चाहते थे- खड़गे
लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न हो पाने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “हम महिला-विरोधी नहीं हैं, और हम लंबे समय से महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण के लिए काम कर रहे हैं। हमने 2023 के संशोधन का सर्वसम्मति से समर्थन किया और उसे पारित कराया। हालाँकि, उसकी आड़ में उन्होंने एक और संशोधन पेश कर दिया, जिसमें उन्होंने परिसीमन का एक प्रावधान जोड़ दिया; इस तरह उन्होंने महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों को एक साथ मिला दिया। इन तीनों विधेयकों को एक साथ लाकर, वे सत्ता हासिल करना चाहते थे, ताकि भविष्य में परिसीमन से जुड़ा कोई भी कानून सदन में साधारण बहुमत से पारित या संशोधित किया जा सके… आपको यह काम 543 सदस्यों के दायरे में ही करना चाहिए। अगली जनगणना या जातिगत जनगणना पूरी होने के बाद, आप इसे अगले चुनाव में पूरा कर सकते हैं… आपका इरादा संविधान की संरचना को बदलना और कार्यपालिका की शक्ति को अपने हाथों में लेना है।”
सोमवार को संसद सत्र बुलाएं, विधेयक पेश करें और फिर देखते हैं कि महिलाओं का विरोधी कौन है- प्रियंका गांधी
लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पारित न हो पाने पर प्रियंका गांधी ने कहा, “उन्हें (केंद्र सरकार को) महिलाओं से जुड़ा पुराना विधेयक, जिसे सभी दलों ने पारित किया था, सोमवार को ही तुरंत लाना चाहिए। सोमवार को संसद सत्र बुलाएं, विधेयक पेश करें और फिर देखते हैं कि महिलाओं का विरोधी कौन है। हम सभी मतदान करेंगे और आपका समर्थन करेंगे।”

