खड़गे ने मोदी सरकार और आरएएस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, “हम प्रधानमंत्री को और केंद्रीय गृह मंत्री को सदन में आकर अपने विचार रखने के लिए कह रहे हैं। वे क्या चाहते हैं, चंदा-चोरी के मामले में उनकी राय क्या है? छात्रों को पीटा गया, उनके ऊपर पैलेट गन्स चलाई गई, सब कुछ किया। आखिर ये हुआ क्यों?
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार और आरएएस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, “हम प्रधानमंत्री को और केंद्रीय गृह मंत्री को सदन में आकर अपने विचार रखने के लिए कह रहे हैं। वे क्या चाहते हैं, चंदा-चोरी के मामले में उनकी राय क्या है? विद्यार्थियों को पीटा गया, उनके ऊपर पैलेट गन्स चलाई गई, सब कुछ किया। आखिर ये हुआ क्यों? क्यों हुआ? इसके लिए उन्हें जिम्मेदारी लेते हुए अपना बयान तो देना चाहिए। वे सदन के अंदर आने के लिए भी तैयार नहीं है, ये सदन का तो अपमान है ही, हम जिन लोगों को चुनकर लाए हैं उनका भी अपमान है। लोकतंत्र का अपमान है। लोकतंत्र में बहस होती है। हम लोग कोई बहस छेड़ते हैं तो आपका दायित्व है कि उस पर जवाब दें। अगर मेरा तर्क सही नहीं है तो आप उसे नकार दें या उसे गलत बताएं लेकिन वे अंदर कदम ही नहीं रखते। या तो वे सदन से डर रहे हैं, सांसदों से डर रहे हैं या फिर वे सदन को कुछ नहीं समझते।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री रात के 12 बजे उठकर इंस्टाग्राम पर आकर अपनी बातें रखते हैं तो वे वही बातें सदन में रख सकते हैं… माफी तो आपको मांगनी चाहिए क्योंकि आपने पैलेट गन्स चलाई, टीयर गैस चलाई, लाठी चलाई, कील लगाकर लाठियां मारी, आपको छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। उसके बजाय आप कह रहे हैं कि ‘जाओ मैंने आपको माफ कर दिया।’ आप कौन होते हैं उन्हें माफ करने वाले?… विषय को भुलाने के लिए आप यदि ऐसा बोलते रहेंगे तो ये ठीक नहीं है। आइए और बात कीजिए लेकिन वे सदन में नहीं आ रहे हैं, ये सदन का अपमान है, जनता का अपमान है… जिन करोड़ों लोगों ने मतदान किया है वे चाहते हैं कि सदन में सरकार जवाब दे जो भी चल रहा है उस पर। लेकिन ये लोग उत्तर देने के लिए तैयार नहीं है। हम लोग जो प्रदर्शन कर रहे हैं वो जनता की इच्छा के अनुसार कर रहे हैं… ये बातें हमारे लोकतंत्र के लिए खतरा है और ये लोग लोकतंत्र के अनुसार चलना नहीं चलना चाहते हैं…”

