राहुल गांधी ने कहा, “हमारे देश के साथ जो किया गया है उसे देशद्रोह कहा जाता है और कोई भी बचने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देश से लोकतंत्र खत्म कर दिया है। इन लोगों ने ‘वोट चोरी’ कर देश को हाईजैक कर लिया है।
- सुरक्षा घेरा तोड़ आकाशवाणी भवन में घुसे राहुल गांधी-प्रियंका गांधी, पेड़ के नीचे दिया हाई-वोल्टेज धरना!
- विपक्षी नेताओं का मोदी सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला, कहा– “देश के साथ जो हुआ, वह देशद्रोह है!
- राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और सरकार को घेरा, बोले– “इन्होंने वोट चोरी कर पूरे देश को हाईजैक कर लिया!
वोटरगाइड देखें
- 50 गज की दूरी पर रोका गया विपक्ष का मार्च, राहुल गांधी बोले– “अगर जनप्रतिनिधि मिल नहीं सकते, तो लोकतंत्र का क्या मतलब?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में इंडिया गठबंधन के सांसदों ने आकाशवाणी भवन परिसर में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के दफ़्तर से कुछ मीटर की दूरी पर धरना दिया।
राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और सांसद प्रियंका गांधी, पवन खेड़ा और इमरान प्रतापगढ़ी आकाशवाणी भवन परिसर में एक पेड़ के नीचे बैठे दिखे। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग मुख्यालय (जो 300 मीटर दूर है) तक पहुंचने की कोशिश में संस्थान के गेट धकेलकर खोले थे। सूत्रों के अनुसार, आकाशवाणी भवन से एक पीसीआआर कॉल की गई, जिसमें कहा गया कि राहुल गांधी जबरदस्ती परिसर में घुस आए हैं।
राहुल गांधी ने कहा, “हमारे देश के साथ जो किया गया है उसे देशद्रोह कहा जाता है और कोई भी बचने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देश से लोकतंत्र खत्म कर दिया है। इन लोगों ने ‘वोट चोरी’ कर देश को हाईजैक कर लिया है। इनसे कोई नहीं बचेगा, सब पर कार्रवाई होगी।”
उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग का दफ्तर यहां से बस 100 मीटर दूर है और जब विपक्ष के नेता वहां जाकर ज्ञापन सौंपना चाहते हैं, तो उन्हें रोका जा रहा है। सभी को बहुत सख्ती से रोका जा रहा है। देश की राजधानी में लोकतंत्र का यही हाल है।”
हाथों में तिरंगा और ‘लोकतंत्र बचाओ’ लिखे बैनर लिए इंडिया गठबंधन के सांसदों ने चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त, भाजपा और आरएसएस के खिलाफ नारे लगाए। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया था। ईसीआई दफ्तर के बाहर बैरिकेड भी लगाए गए थे।

