पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह मोदी सरकार के लिए बड़ा झटका है कि आर्थिक रूप से तबाह और आतंकवाद के प्रायोजक देश पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की भूमिका निभाने का मौका मिल रहा है।
कांग्रेस ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में पाकिस्तान की भूमिका का हवाला देते हुए सोमवार को कहा कि भारत को अपने कूटनीतिक संपर्क की रणनीति में आमूल-चूल बदलाव की जरूरत है और इसे करने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘‘बिलकुल असमर्थ’’ हैं।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह मोदी सरकार के लिए बड़ा झटका है कि आर्थिक रूप से तबाह और आतंकवाद के प्रायोजक देश पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की भूमिका निभाने का मौका मिल रहा है।
जयराम रमेश ने मोदी सरकार को घेरा
रमेश ने ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा, ‘‘ ‘दलाल’ देश, जैसा विदेश मंत्री (जयशंकर) ने बताया था, कथित तौर पर आज अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के दूसरे दौर की मेजबानी कर रहा है।’’
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था स्पष्ट रूप से गंभीर संकट में है और यह मित्र देशों द्वारा दी जाने वाली उदारता पर निर्भर है।
रमेश ने यह भी कहा, “लेकिन ओसामा बिन लादेन और अन्य आतंकवादियों को पनाह देने, अफगानिस्तान में बमबारी करने और एक साल पहले पहलगाम आतंकी हमले को अंजाम देने के बाद यह अब एक महत्वपूर्ण राजनयिक भूमिका निभा रहा है।”
रमेश के अनुसार नवंबर 2008 में मुंबई में आतंकवादी हमलों के बाद डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार पाकिस्तान को अलग थलग करने में सफल हुई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, जिसके भड़काऊ बयान ने पहलगाम आतंकवादी हमले के लिए ऑक्सीजन प्रदान की थी , राष्ट्रपति ट्रंप का बहुत पसंदीदा बन गया है। यह भारत के लिए विशेष रूप से गंभीर झटका है। यह स्पष्ट है कि फील्ड मार्शल और उसके सहयोगी ट्रंप के परिवार और सहयोगियों वाले तंत्र को भारत की तुलना में कहीं बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में सफल रहे हैं।’’
रमेश ने कहा, ‘‘भारत को अपने कूटनीतिक संपर्क की रणनीति आमूल-चूल बदलाव की जरूरत है, जिसे करने में प्रधानमंत्री मोदी बिलकुल असमर्थ हैं।’’
पीटीआई के इनपुट के साथ

