बुधवार को संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामा हुआ। विपक्ष ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की बर्बरता पर चर्चा और जवाबदेही की मांग की, जिसके कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार (29 जुलाई, 2026) को पेपर लीक विरोधी बिल पर चर्चा के दौरान बात रखी। बिल पर गांधी के कुछ भी कहने से पहले ही सदन में सत्ता पक्ष ने विरोध शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि कांग्रेस सांसद ने बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ज़िक्र करते हुए असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया।
बुधवार को कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोनों सदनों को स्थगित कर दिया गया। लोकसभा को तो सदन की बैठक शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद स्थगित कर दिया गया, जबकि राज्यसभा में चेयरमैन द्वारा ऊपरी सदन को स्थगित करने से पहले कुछ सदस्यों ने अपनी बात रखी। विपक्ष जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की बर्बरता पर चर्चा और जवाबदेही की मांग करता रहा, जिसके चलते दोनों सदनों को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा की बैठक अब दोपहर 2 बजे फिर से शुरू होगी।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक से जुड़े बिल पर 50 मिनट स्पीच दी। उन्होंने इडियट और अंधभक्त जैसे शब्द बोले। फिर कहा कि गृहमंत्री ने दिल्ली में छात्रों पर फायरिंग के आदेश दिए। इसको लेकर सत्तापक्ष ने जमकर हंगामा किया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 7 बार खड़े होकर राहुल को टोका और संसदीय रूल्स का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को माफी मांगनी चाहिए। इस पर राहुल ने कहा, ‘अगर आप चाहते हैं कि देश में सिर्फ बीजेपी बोले तो मैं चुप होकर बैठ जाता हूं।’
स्पीकर ओम बिड़ला ने भी राहुल को 11 से ज्यादा बार टोका। कहा कि वे इस तरह के असंसदीय शब्द नहीं बोल सकते। स्पीकर ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अपील पर इन शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटा दिया।
राहुल ने कहा, ‘देश का भविष्य सड़कों पर उतरा। प्रदर्शन में गुस्सा, नफरत नहीं थी। वे केवल अपनी आवाज उठा रहे थे। अगर भाजपा के मेरे मित्र अपने बच्चों से पूछें कि उनके भाई-बहन जो कर रहे हैं, उसके बारे में वे क्या सोचते हैं, तो उन्हें अपने बच्चों का भी समर्थन ही मिलेगा।’ लोकसभा की कार्यवाही 2:30 बजे तक स्थगित कर दी गई है।
राहुल की स्पीच के दौरान लोकसभा में हंगामे की 3 तस्वीरें…



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लाइव अपडेट्स
लोकसभा की कार्यवाही 2:30 बजे शुरू होते ही स्थगित
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2:30 बजे शुरू हुई, लेकिन राहुल गांधी के बयान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंगामे के कारण दोपहर 3 बजे तक स्थगित कर दिया गया। कार्यवाही के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे राहुल गांधी के बयान पर अपनी बात रख रहे थे।
लोकसभा की कार्यवाही 2:30 बजे तक स्थगित
राहुल के बयान पर हंगामा बढ़ने से स्पीकर ने कार्यवाही दोपहर 2:30 बजे तक स्थगित कर दी।
राहुल ने कहा- छात्रों पर शूटिंग की इजाजत दी गई
- राहुल ने कहा,गृह मंत्री ने छात्रों पर शूटिंग की इजाजत दी। पैलेट गन चलाने का आदेश दिया। छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया।
- रिजिजू- आप बिना सोचे समझे बोल रहे हैं। ऐसा मत बोलिए। आपको गंभीरता से बोलना चाहिए। ये ठीक नहीं है। ये किस आधार पर आपने बयान दिया। आपको किसने बताया। आप माफी मांगिए। गोली चली, ये छोटी बात नहीं है। ऐसा कैसे कह सकते हैं कि किसी ने गोली चलाई। ये गंभीर आरोप है।
- विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू की- ‘राहुल गांधी को बोलने दो, राहुल गांधी को बोलने दो।’
- अखिलेश यादव- अगर नेता प्रतिपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं तो ये सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि छात्रों पर ऐसा व्यवहार किसने किया ये जांच करे।
- रिजिजू- आप जांच की मांग करिए, लेकिन राहुल गांधी सीधे-सीधे गृह मंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। आपको माफी मांगना होगा। झूठा आरोप लगाया है।
राहुल ने कहा- छात्रों ने बताया कि वे अंधभक्त नहीं बनेंगे
राहुल ने कहा, ‘गरीब बच्चों से लाखों लाख रुपए लिए गए। एक परीक्षा में पेपर लीक होता है। दूसरे में कुछ और दिक्कत होती है। ये बहुत गलत है। सिस्टम पर RSS का कब्जा हो चुका है।’
राहुल ने कहा, ‘राजनाथ सिंह ने कहा कि हम UPA नहीं हैं, हमारे मंत्री कभी इस्तीफा नहीं देते। वे सही कह रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा दिखावटी है क्योंकि धर्मेंद्र प्रधान ने कभी शिक्षा मंत्रालय नहीं चलाया। शिक्षा मंत्रालय को चलाने वाला संगठन RSS है।’
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, ‘छात्र असल में इसलिए नाराज हैं क्योंकि उन्हें भारत में छात्र बने रहने, अपने जुनून को फॉलो करने, अपनी बात कहने और अपने मन के सवाल पूछने की इजाजत नहीं है। उन्हें वह बेतुका इतिहास मानना पड़ता है जिसकी कल्पना RSS करता है।’

