राहुल गांधी ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है। इस बार भी उनके निशाने पर गृह मंत्री अमित शाह हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों पर हमले का आदेश किसने दिया, अमित शाह सामने आएं और इसका जवाब दें।
राहुल गांधी ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है। इस बार भी उनके निशाने पर गृह मंत्री अमित शाह हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों पर हमले का आदेश किसने दिया, अमित शाह सामने आएं और इसका जवाब दें। राहुल गांधी ने कहा, “शुरूआत में 15 दिन पहले हमारी स्थिति थी कि गृह मंत्रालय से पैलेट गन्स चलाने का, कील वाली लाठी चलाने का आदेश आया था। पूरे देश ने देखा कि हमारे छात्रों को मारा गया… हमारी पहली मांग थी कि गृह मंत्री आएं और देश को साफ तौर पर बता दें या उन्होंने आदेश दिया और वे दोषी हैं कि हमारे छात्रों पर गोली चलाई गई या फिर उन्हें जानकारी नहीं थी और किसी और ने ये आदेश दे दिया और फिर वे अयोग्य हैं। हमारा कहना था कि इस पर उन्हें सदन में आकर बयान देना चाहिए…” उन्होंने आगे कहा, “…अमित शाह में संसद में आकर हमारे सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं है। पिछले 15 दिनों में उन्होंने यही दिखाया है। न तो पीएम मोदी और न ही अमित शाह में हिम्मत है…”
पीएम और गृह मंत्री की चुप्पी देश के लिए ठीक नहीं, संसद में विपक्ष की 3 बड़ी मांगें: मल्लिकार्जुन खड़गे
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “…20 जुलाई को संसद का सत्र प्रारंभ होने के पहले दिन से ही विपक्ष ने सुदृढ़ता से अपनी मांगें रखी हैं। पहली मांग हमारी यही है कि केंद्रीय गृह मंत्री, दिल्ली पुलिस के द्वारा जो अत्याचार हुआ, पैलेट गन्स चली, आंसू गैस के गोले दागे गए, लाठीचार्ज हुआ… हम चाहते थे कि उस पर चर्चा हो और वे(अमित शाह) सदन में आएं। पेपर लीक हुए भी कई साल हो गए हैं, जिस पर हम पहले से चर्चा चाहते हैं लेकिन उन्होंने 14-15 दिनों तक इस विषय पर कुछ नहीं कहा। इसका अर्थ है कि वे नहीं चाहते थे कि चर्चा हो। हम दबाव बनाते रहे लेकिन वे नहीं आए… दूसरी मांग यह है कि प्रधानमंत्री ने जो राम मंदिर के ट्रस्ट की स्थापना की, उन्होंने ट्रस्ट के सदस्य चुने, ट्रस्ट को चलाने की प्रक्रिया भी बताई… राम मंदिर में जिन लोगों ने चोरी की है, उन्हें सख्त से सख्त सजा होनी चाहिए और प्रधानमंत्री को इसका खुलासा करना चाहिए लेकिन इस मांग पर भी ध्यान नहीं दिया गया… इसलिए हमने तीसरी मांग ये रखी कि वे(प्रधानमंत्री मोदी) खुद देश की जनता से माफी मांगें क्योंकि हजारों-लाखों लोग राम मंदिर में आस्था रखते हैं। ऐसी जगह पर इतनी बड़ी घटना होती है और प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा। यह पहली बार है कि ऐसे विषय पर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री, दोनों ने चुप्पी साधी हुई है… हम इन तीनों विषयों पर लड़ रहे हैं। खासकर राहुल गांधी ने इन सभी मुद्दों पर हर जगह पहुंचकर अपना वक्तव्य दिया। वे इन विषयों को पहले से उठाते आए हैं…”

