विधानसभा उपचुनाव: बांकीपुर से जीते प्रशांत किशोर, दतिया में कांग्रेस और मांजलपुर में बीजेपी ने दर्ज की जीतAugust 3, 2026
शशि थरूर लिखते हैं: परिसीमन का ‘ट्रोजन हॉर्स’ और हमारे लोकतंत्र के स्वरूप से जुड़े बुनियादी सवाल। संसद में सदस्यों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी के खिलाफAugust 3, 2026
खड़गे का PM पर हमला, ‘रात 12 बजे इंस्टाग्राम पर आ सकते हैं तो संसद में क्यों नहीं? पैलेट गन चलाने वाले माफी मांगें’August 3, 2026
राम पुनियानी का लेखः टीपू सुल्तान एक सच्चा राष्ट्रप्रेमी, उनका विरोध विभाजनकारी राजनीति का एक और उदाहरणFebruary 20, 2026 टीपू सुल्तान का सबसे बड़ा योगदान यह था कि उन्होंने भारतीय राजाओं को ईस्ट इंडियां कंपनी और अंग्रेजों के बढ़ते…
शायद कम होने लगी थी राष्ट्रवाद की सप्लाई, इसीलिए वंदे मातरम् गाने की कराई गई है मुनादी!February 17, 2026 इसे लागू करने के लिए बेरोज़गार लोग अपना समय छह श्लोक याद करने में लगाएंगे। वे भीड़ पर नज़र रखेंगे…
एक जमींदार की जागीर बन गया है देशFebruary 17, 2026 भ्रष्टाचार बढ़ने का मुख्य कारण सत्ता पर व्यक्तिवाद का हावी होना, न्याय व्यवस्था का राजनीतिकरण, चुनाव व्यवस्था पर सत्ता का…
‘स्पीकर सर, आप अपने पद का मान रखिए’February 16, 2026 लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अपने फैसलों और कार्यशैली से जो उदाहरण बना रहे हैं, वे लोकतंत्र के लिए गंभीर अंदेशे पैदा…
क्या भारत ने अमेरिका के साथ एक ‘दबाव और शोषण’ वाली ‘अनुचित’ डील के आगे सरेंडर कर दिया है?February 7, 2026 भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर विपक्षी दलों ने सरकार से और ज़्यादा स्पष्टता मांग करते हुए अगले हफ़्ते संसद में इस…
कानून के शासन का असली संकट : पुलिस के ‘हाफ एनकाउंटर’ और लंबे खिंचते मुकदमेFebruary 2, 2026 जो देश खुद से यह झूठ बोलता है कि वह कानून के राज वाला लोकतंत्र है, वह उस जगह नहीं…
राष्ट्रपिता की कुर्बानी के 78 साल, लगातार हमलों के बावजूद आज भी जिंदा हैं उनके मूल्यJanuary 29, 2026 हिन्दू-मुस्लिम एकता गांधीजी के जीवन का मूलमंत्र था। इस महामानव के इस मिशन को समकालीन राजनीति ने बहुत नुकसान पहुंचाया…
गंगा-जमुनी तहजीब, मिथक या हकीकतJanuary 23, 2026 राम पुनियानी Published: 23 Jan 2026, 7:59 AM भारतीय संस्कृति क्या है? क्या वह विशुद्ध हिन्दू संस्कृति है या फिर…
विकास की नाकामी की तरह ही अब लोकतंत्र की नाकामी को भी सामान्य ही समझने लगा है भारतJanuary 21, 2026 विकास की नाकामी के एहसास की तरह, हमने लोकतंत्र की विफलता को भी अपना लिया है। अब जो है सो…
प्रकृति को नेस्तनाबूद करते ही संस्कृति खुद-ब-खुद विलीन हो जाएगी, सिर्फ बचेगा बाजार !January 19, 2026 घाटियों-पहाड़ों का खरबों साल का इतिहास बताता है कि वे बहुत पहले के हैं। सेपियन्स और आदि मानव से भी…